Thursday, April 8, 2010

आप क्या हो?


नींदों में ख्बाब हैं आप ,
दिल की धड़कन हैं आप
होठों पर हंसी हैं आप
जीवन में ख़ुशी हैं आप
महसूस करते है हम जिन्हें
वो सभी अहसास है आप
झुकी पलकों की हया है आप
हमारे प्यार की वफ़ा हैं आप
इस ज़िस्म की सांसें हैं आप
हमारी तो सभी बातें है आप
हम तो जाने कब के खो चुके है
अब हम में तो बाकी हैं बस आप
लोग बाग़ इसे दीवानगी कहते है
पर हमारी जिन्दगी में तो बस आप ही रहते है।

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