Wednesday, April 7, 2010

प्रथम संदेश....



आकांछित है ईश्वर का शुभ आशीष,
आपके स्नेह से झुक गया ये शीश।
करे स्वीकार अभिवादन शुभ कामनाएं ,
हो सम्पूर्ण आपकी सब हृदयगत अभिलाषाएं।

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