Monday, April 19, 2010

मेरे हमसफ़र मेरे हमसफ़र....


मेरे हमसफ़र मेरे हमसफ़र, मेरे पास आ मेरे साथ चल,
चल चले हम उस राह पर, जहाँ गम ना हों ....हो खुशियाँ उम्र भर

एक घर बसा ले हम कहीं, आ महकाएं ये जिन्दगी ,
जो ख़आब पलकों पर सजें, आ हकीकत वो करें,
प्यार के वो पल बुने, उम्र भर जो कम ना हों

मेरे हमसफ़र .....
प्यार बाटें चल चलें, ना कोई शिकवा शिकन,
ख़ुशी की हो हर दास्ताँ, साथ हो सारा जहाँ,
मैं नहीं और तुम नहीं, चल चलें हम हम बनें

मेरे हमसफ़र .....
प्यार हम करते चलें, प्यार ही देते चलें,
प्यार हो अपना जहाँ और प्यार का हो हर निशां

हर कदम में प्यार का साथ हम देते चलें,
इस जमीं से उस फलक तक,
आ जहाँ को बस प्यार से हम भरते चलें

मेरे हमसफ़र मेरे हमसफ़र
तेरे साथ हो बस उम्र भर .......

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